आंसुओं में छुपा है ग़म, और मुस्कान में दर्द,
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
तेरी खामोशी भी टूट जाती है मेरी खामोशी में।
तुमसे दिल की बात कहने की ख्वाहिश अब दिल में रह गई,
अब उनकी यादें ही हमें छोड़कर चली जाती हैं…!!!
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता
अब हर रास्ता खाली और हर मंजिल बेकार लगती Sad Shayari है…!!!
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
अगर दिल भारी है, तो शायरी पढ़िए, खुद को समझिए और याद रखिए —
जब से तुम दूर गए हो, जिंदगी में खामोशी छा गई,
हमने सोचा था हर दर्द सह लेंगे, पर जब तेरा नाम आया, तो आंखें नम हो गईं।
कभी सोचते थे कि तेरे बिना मर जाएंगे, अब सोचते हैं कि तुझसे मिलकर जिएंगे कैसे?
पर क्या हम दोनों की खामोशी कभी समझ पाई क्या।
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।